शनिवार को अगर है साढ़ेसाती या ढैय्या, तो भूलकर भी ना करें ये गलती, वरना भुगतना पड़ेगा भारी नुकसान!

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से कई लोग अपने जीवन में आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है, जो कर्मों के आधार पर फल देते हैं। शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है, और इस दिन कुछ विशेष उपाय और सावधानियां बरतने से शनि के कष्टकारी प्रभावों को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि शनिवार को क्या करें, क्या न करें, और कैसे शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं।

शनिवार को क्या खाएं?

शनिवार के दिन सात्विक और शनि को प्रिय भोजन ग्रहण करना शुभ माना जाता है। काले तिल से बने व्यंजन, जैसे काले तिल का हलवा या खिचड़ी, शनिदेव को प्रसन्न करते हैं। उड़द की दाल से तैयार खिचड़ी या दाल भी इस दिन उत्तम है। सरसों के तेल में बनी रोटी या पराठा, जिसमें कम घी-तेल हो, खाना शुभकारी होता है। काले चने का सेवन शनि के प्रभाव को शांत करने में सहायक है। भोजन में थोड़ा काला नमक मिलाकर खाना भी लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा, चावल और उड़द दाल की खिचड़ी बनाकर गरीबों में बांटने से पुण्य की प्राप्ति होती है। सात्विक भोजन, जिसमें लहसुन और प्याज का उपयोग न हो, इस दिन विशेष रूप से ग्रहण करना चाहिए।

इन चीजों से करें परहेज

शनिवार के दिन कुछ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, खासकर साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान। मांस, मछली, अंडे और शराब जैसे नशीले पदार्थों का सेवन न करें, क्योंकि ये तामसिक भोजन शनि के कुप्रभाव को बढ़ा सकते हैं। लहसुन और प्याज युक्त भोजन से भी परहेज करें। अत्यधिक मिर्च-मसाले वाले व्यंजन और बेसन या चने से बनी मिठाइयां भी इस दिन वर्जित हैं। इनका सेवन शनिदेव को नाराज कर सकता है।

शनिवार को क्या खरीदें?

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं की खरीदारी शुभ मानी जाती है। लोहे की वस्तुएं, जैसे बर्तन या औजार, खरीदना शनिदेव को समर्पित होता है। काले तिल, सरसों का तेल, काले कपड़े और काले जूते या चप्पल भी इस दिन खरीदे जा सकते हैं। शनि यंत्र या नीलम रत्न, जो शनिदेव से संबंधित है, खरीदना भी लाभकारी है। पूजा-पाठ के लिए तेल, दीपक और अन्य सामग्री खरीदना शुभ फल देता है।

इन चीजों की खरीदारी से बचें

कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें शनिवार के दिन खरीदने से बचना चाहिए। चमड़े से बनी वस्तुएं, खासकर फैशन के लिए, नहीं खरीदनी चाहिए। यदि आपकी कुंडली में शनि कमजोर है, तो वाहन, कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान, तेल से चलने वाले भारी उपकरण, या महंगे गहने और संपत्ति की खरीदारी टाल दें। काले रंग के कपड़े, अगर केवल फैशन के लिए ले रहे हैं, तो इस दिन न खरीदें।

शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय

शनिवार का दिन शनिदेव की पूजा और उपायों के लिए विशेष माना जाता है। सुबह स्नान के बाद शनिदेव को सरसों के तेल का दीपक जलाएं। “ॐ शं शनैश्चराय नमः” या “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ भी अत्यंत फलदायी है। काले तिल, उड़द दाल और सरसों के तेल का दान करें। गरीबों, खासकर विकलांग या अंधे व्यक्तियों को भोजन कराएं। शनि मंदिर में तेल अर्पण करें या पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।

इन बातों का रखें ध्यान

शनिवार के दिन कुछ कार्यों से बचना चाहिए। किसी गरीब, वृद्ध, सेवक या जरूरतमंद का अपमान न करें। झूठ बोलना, धोखा देना, गुस्सा करना, आलस्य और कटु भाषण से बचें। काले कुत्ते या काली गाय को परेशान करने से शनिदेव नाराज हो सकते हैं। कई परंपराओं में इस दिन बाल या नाखून काटना भी वर्जित माना जाता है।

साढ़ेसाती और ढैय्या में विशेष उपाय

साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान कुछ विशेष उपाय शनिदेव के प्रकोप को कम करने में मदद करते हैं। काले कुत्ते को सरसों के तेल में डुबोई रोटी खिलाएं। शनि मंदिर में काले तिल, तेल और उड़द दाल का दान करें। गरीबों को लोहे के बर्तन में भोजन देना विशेष रूप से फलदायी होता है।

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